Shiv Tandav Strotram - 6

The Shloka

प्रफुल्लनीलपङ्कजप्रपञ्चकालिकाच्छवि- र्विलम्बि कण्ठकन्दलीरुचिप्रबद्धवैभवम् ।

मदच्छिदुच्छिदम्वुजं प्रहूतचेतसे मिलत्- क्रियः कुरु कृपाकटाक्षभाजि मे शिवः ॥ ६ ॥

Meaning

प्रफुल्लनीलपङ्कजप्रपञ्चकालिकाच्छवि- र्विलम्बि कण्ठकन्दलीरुचिप्रबद्धवैभवम् ।:

खिलते हुए नीले कमलों के समूह और देवी काली की सुंदर छवि, लंबी झुकी हुई गर्दन पर सर्प की कन्दली, जो स्नेह से बंधी है, उस वैभव को धारण करने वाले शिव!

O Shiva, who possesses the splendor of blooming blue lotuses and the radiant image of Goddess Kali, with the serpent around your long, drooping neck, bound by affection!


मदच्छिदुच्छिदम्वुजं प्रहूतचेतसे मिलत्- क्रियः कुरु कृपाकटाक्षभाजि मे शिवः ॥ ६ ॥:

मद से भरे हुए और छिद्रित कमल के समान, विचलित मन से मिलने वाले कर्म करो, हे शिव! मुझ पर कृपापूर्ण दृष्टि डालो।

Like a lotus pierced by intoxication, perform actions with a distracted mind, O Shiva! Bestow your merciful glance upon me.


Summary

यह श्लोक भगवान शिव के सौंदर्य, शक्ति और करुणा का वर्णन करता है। यह भक्त की प्रार्थना है कि शिव उस पर अपनी कृपा दृष्टि डालें और उसे अपने कर्मों में मार्गदर्शन करें, भले ही उसका मन विचलित हो।

Meaning of words

Word

Meaning

प्रफुल्ल

खिलते हुए, प्रफुल्लित

Blooming, flourishing

नीलपङ्कज

नीले कमल

Blue lotus

प्रपञ्च

समूह, विस्तार

Collection, expanse

कालिका

काली (देवी)

Kali (Goddess)

च्छवि

छवि, आभा

Radiance, splendor

र्विलम्बि

लम्बी, झुकी हुई

Long, drooping

कण्ठकन्दली

गर्दन की कन्दली (सर्प)

Serpent around the neck

रुचिप्रबद्ध

पसंद से जुड़ी, रुचिकर

Attached with affection, pleasing

वैभवम्

समृद्धि, वैभव

Glory, splendor

मदच्छिदुच्छिदम्वुजं

मद से छिद्रित कमल

Lotus pierced by intoxication (or a bee)

प्रहूतचेतसे

विचलित मन से

With a distracted mind

मिलत्

मिलने वाले, संपर्क करने वाले

Meeting, uniting

क्रियः

कर्म, कार्य

Action, deed

कुरु

करो

Do

कृपाकटाक्षभाजि

कृपापूर्ण दृष्टि से

With a merciful glance

मे

मुझे

Me

शिवः

शिव

Shiva