Mahishasura Mardini - 3¶
The Shloka¶
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अयि जगदम्ब मदम्ब कदम्ब वनप्रियवासिनि हासरते
शिखरिशिरोरत्ननिर्मलशुङ्ग तरलयुताकृति भासुरते
मधुमधुरे मधुकैटभगञ्जिनि दैत्यविहञ्जिनि तापहरे
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥
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ayi jagadamba madamba kadamba vanapriyavasini hasarate
sikhari shiroratna nirmala shunga taralayutakriti bhasurate
madhumadhure madhukaitabhaganjini daityavihanjini tapahare
jaya jaya he mahishasuramardini ramyakapardini shailasute ॥
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Meaning / Summary¶
यह श्लोक देवी दुर्गा की शक्ति और महिमा का वर्णन करता है, और भक्तों को उनकी आराधना करने के लिए प्रेरित करता है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
हे जगदम्बे, हे माँ, कदम्ब के वन में वास करने वाली, हंसी में रमण करने वाली! पर्वतों के राजा हिमालय के शिखर पर स्थित रत्नों की निर्मल कान्ति से देदीप्यमान, शहद की तरह मीठी, मधु और कैटभ का नाश करने वाली, दैत्यों का नाश करने वाली, ताप हरने वाली! हे महिषासुर का मर्दन करने वाली, सुन्दर जटाजूट वाली, पर्वतराज हिमालय की पुत्री, तेरी जय हो, जय हो!
यह श्लोक देवी दुर्गा की स्तुति है, जिसमें उन्हें जगदम्बा, कदम्ब वन में रहने वाली, मधु और कैटभ का वध करने वाली और महिषासुर का मर्दन करने वाली बताया गया है।
इस श्लोक में देवी दुर्गा की स्तुति की जा रही है। भक्त माँ दुर्गा को विभिन्न नामों और रूपों से संबोधित कर रहा है, उनकी विशेषताओं और शक्तियों का वर्णन कर रहा है। उन्हें जगदम्बा (जगत की माता), कदम्ब वन में रहने वाली, हास्य में रमण करने वाली, हिमालय के रत्नों से सुशोभित, मधु और कैटभ का वध करने वाली, दैत्यों का नाश करने वाली, और महिषासुर का मर्दन करने वाली बताया गया है। भक्त देवी से जय जयकार करते हुए उनकी महिमा का बखान कर रहा है।
This shloka describes the power and glory of Goddess Durga, and inspires devotees to worship her. It symbolizes the victory of good over evil.
O Mother of the Universe, O Mother, who resides in the Kadamba forest, who delights in laughter! You shine with the pure radiance of the jewels on the peak of the king of mountains, O sweet like honey, destroyer of Madhu and Kaitabha, destroyer of demons, remover of suffering! Victory, victory to you, O slayer of Mahishasura, beautiful-braided one, daughter of the mountain!
This shloka is a praise of Goddess Durga, describing her as Jagadamba, the one residing in the Kadamba forest, the slayer of Madhu and Kaitabha, and the slayer of Mahishasura.
This shloka is a hymn praising Goddess Durga. The devotee is addressing Mother Durga by various names and forms, describing her characteristics and powers. She is referred to as Jagadamba (Mother of the Universe), the one who resides in the Kadamba forest, who delights in laughter, adorned with the jewels of the Himalayas, the slayer of Madhu and Kaitabha, the destroyer of demons, and the slayer of Mahishasura. The devotee glorifies the Goddess, proclaiming victory to her.
Sentence - 1¶
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अयि जगदम्ब मदम्ब कदम्ब वनप्रियवासिनि हासरते
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Meaning¶
हे जगदम्बे, हे माँ, कदम्ब वन में प्रिय वास करने वाली, और हंसी में रमण करने वाली!
O Mother of the Universe, O Mother, who loves to reside in the Kadamba forest, and who delights in laughter!
Meaning of Words¶
अयि | ayi | हे | An exclamation, ‘Oh’ |
जगदम्ब | jagadamba | ||
जगत की माँ | Mother of the world, Mother of the Universe | ||
मदम्ब | madamba | ||
मेरी माँ | My Mother | ||
कदम्ब वनप्रियवासिनि | kadamba vanapriyavasini | ||
कदम्ब वन में प्रिय वास करने वाली | One who loves to reside in the Kadamba forest | ||
हासरते | hasarate | ||
हंसी में रमण करने वाली | One who delights in laughter | ||
Sentence - 2¶
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शिखरिशिरोरत्ननिर्मलशुङ्ग तरलयुताकृति भासुरते
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Meaning¶
पर्वतों के राजा (हिमालय) के शिखर पर स्थित रत्नों की निर्मल कान्ति से देदीप्यमान!
You shine with the pure radiance of the jewels on the peak of the king of mountains (Himalayas)!
Meaning of Words¶
शिखरि | sikhari | ||
पर्वतों के राजा, अर्थात हिमालय पर्वत | King of mountains, meaning the Himalayas. | ||
शिरोरत्न | shiroratna | ||
शिखर का रत्न | Jewel of the peak | ||
निर्मल | nirmala | ||
निर्मल | Pure | ||
शुङ्ग | shunga | कलिका | Bud |
तरलयुताकृति | taralayutakriti | ||
तरल से युक्त | Adorned with sparkling jewels. | ||
भासुरते | bhasurate | ||
देदीप्यमान | Shining | ||
Sentence - 3¶
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मधुमधुरे मधुकैटभगञ्जिनि दैत्यविहञ्जिनि तापहरे
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Meaning¶
शहद की तरह मीठी, मधु और कैटभ का नाश करने वाली, दैत्यों का नाश करने वाली, ताप हरने वाली!
O sweet like honey, destroyer of Madhu and Kaitabha, destroyer of demons, remover of suffering!
Meaning of Words¶
मधुमधुरे | madhumadhure | ||
शहद की तरह मीठी | Sweet like honey. | ||
मधुकैटभगञ्जिनि | madhukaitabhaganjini | ||
मधु और कैटभ का नाश करने वाली | Destroyer of Madhu and Kaitabha | ||
दैत्यविहञ्जिनि | daityavihanjini | ||
दैत्यों का नाश करने वाली | Destroyer of demons. | ||
तापहरे | tapahare | ||
ताप हरने वाली | Remover of suffering |
Sentence - 4¶
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जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥
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Meaning¶
हे महिषासुर का मर्दन करने वाली, सुन्दर जटाजूट वाली, पर्वतराज हिमालय की पुत्री, तेरी जय हो, जय हो!
Victory, victory to you, O slayer of Mahishasura, beautiful-braided one, daughter of the mountain!
Meaning of Words¶
जय | jaya | विजय हो, स्तुति हो | Victory, praise. |
हे | he | हे! | O! |
महिषासुरमर्दिनि | mahishasuramardini | ||
महिषासुर का मर्दन करने वाली | Slayer of Mahishasura | ||
रम्यकपर्दिनि | ramyakapardini | ||
सुन्दर जटाजूट वाली | Beautiful-braided one | ||
शैलसुते | shailasute | ||
पर्वत की पुत्री | Daughter of the mountain king Himalayas, Parvati. | ||